A Review of Bengal Writing Instruments’ Coffee Ink
A Sip of Sophistication - Wake Up and Smell the Ink: A Review of Bengal Writing Instruments’ Coffee Ink If you’ve ever wanted your handwritten notes to look like they were drafted in a cozy...
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तेरी नादानीयों की इन्तेहा क्या ख़ूब है हमदम तेरी इरफ़ान से 'निर्जन'यहाँ मौसम बदलते हैं नादानियों : बचपना इन्तेहां : सीमा इरफ़ान : प्रतिभा
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अबस बैठना बन गया अफ़सुर्दा होने का सबब 'निर्जन'क़िस्मत भी कितनी बेरहम है इसने कहाँ लाकर पटका अबस = बेकार अफ़सुर्दा = उदासी#yqdidi #निर्जन #तुषाररस्तोगी #तमाशा_ए_ज़िंदगी #किस्मत #बेरहम #अफ़सुर्दा Follow...
View Articleअनुज कुमार विश्नोई - एक शातिर ठग, जालसाज़, धोखेबाज़ और बेईमान अपराधी
यह दास्तान मैं अपनी आपबीती के आधार पर लिख रहा हूँ। इस शख़्स ने मुझसे और मेरे पिताजी से कई लाख रुपये उधार ले रखे हैं और आज तक़रीबन दस सालों के बाद भी ब्याज तो छोड़िये असल की रकम वापस नहीं आई है। अब हालत यह...
View Articleग़ज़ल
ग़ज़ल------होगी कब ख़त्म वबा* अब ये सवाल अच्छा हैइक बिरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है //१*महामारी--------सभी के चेहरों पे इज़हार न हाल अच्छा हैइक बिरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है //२--------हनूज़*...
View Articleमाँ का दिन
कौन सी चीज़ है जो यहाँनहीं मिलती,सब कुछ मिलता है लेकिनमाँ नहीं मिलती,माँ ऐसी होती है दोस्तों जोज़िन्दगी में फ़िर नहीं मिलती,ख़ुश रखा करो उस माँ कोफ़िर देखो जन्नत कहाँ नहीं मिलती...अम्मी जान का दिन...
View Articleतालाबंदी की मधुशाला
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View Articleग़ज़ल - श्रद्धान्जलि
ये ग़ज़ल उन दो चमत्कारी किरदारों के नाम जो अपने जाने के बाद एक बहुत बड़ा ख़ालीपन इस दुनिया में छोड़ गए जिसे भर पाना नामुमकिन है। मरहूम अज़ीम अदाकार ॠषि कपूर और इरफ़ान ख़ान को हम सब अपनी यादों में...
View Articleग़ज़ल
Pen - Pilot Animal Series Fine PointInk - Sulekha Turquoise Blueपेश-ए-ख़िदमत है मेरी एक संजीदा कोशिश। उम्मीद कर रहा हूँ आप सभी को पसंद आएगी। ग़लतियों के लिए मा'ज़रत। आप के तब्सिरा का इंतिज़ार...
View Articleग़ज़ल हो गई - तंज़-ओ-मज़ा
मुशायरा इक जोड़ा ग़ज़ल हो गईपेलम पेला निगोड़ा ग़ज़ल हो गई काहिल-ओ-जाहिल दिखें क़ाबिलकिताब ख़ुद ही छपाए ग़ज़ल हो गईकलजुग का खोता बन गया शायर रेंका ढेंचू-ढेंचू और ग़ज़ल हो गईलफ़्ज़ों को लपेटा जहाँ से...
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ग़ज़ल नौ-उम्र जज़्बात हैं जबीन-ए-पाक में बाला-तर जज़्बात हैं दिल-ए-बेबाक मेंफ़लक से देख क्यों बरस रहा है लहू?खूँ रोता है, क्या वहाँ अफ़्लाक में?आह! वस्ल-ए-यार किस सूरत करूँ?उम्र हो रही है ज़ाया इन...
View Articleवो भी क्या दिन थे
एक पुराना क़िस्सा याद आ गया। ये मेरे स्कूल के दिनों की बात है। दिल वाले दुलहनिया ले जाएँगे रिलीज़ हुई थी। लड़के काजोल पर उन दिनों जान छिड़कते थे। हम भी उन में से एक थे। हाॅस्टल में रहा करते थे। अब...
View Articleग़ज़ल
ग़ज़ल -----------------------------------------------------------------------शब-ए-हिज्र तो किसी तौर गुज़र जाएगी रात गहरी है तेरी याद बहुत आएगी...
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ग़ज़ल ......................................................................................करते हैं इश्क़ मगर मेरा नाम नहीं लिख सकतेवो कौन हैं मेरे ये सर-ए-आम नहीं लिख सकते...
View Articleग़ज़ल
ग़ज़ल......................................................................................ये दुनिया के लोगों से, क्यों आस लगाए रहता हूँ अपनी मर्ज़ी का मालिक, मैं रौब जमाए रहता हूँ...
View Articleग़ज़ल १
ग़ज़ल-------------------रौशन हुआ है आज अक्स माहताब काउतरा है मेरी रूह में जलवा शबाब का //१उसकी अदाएँ मेरी नज़रों में बस गईं आग़ाज़ था ये इश्क़ की पहली बहार का //२बेनूर हो गया था जो तूफ़ानी बयार में...
View Articleनज़्म: चाहता हूँ मैं
चाहता हूँ मैं -------------------नज़रों के समंदर का ठिकाना चाहता हूँ मैं मुझे तुझ से मोहब्बत है बताना चाहता हूँ मैं //१अब ज़ाया लगती है हर मौसम की शादाबीतुझे अपनी सांसो में बसाना चाहता हूँ मैं //२ये...
View Articleशेर अर्ज़ है ...
सुलझा हुआ सा...समझते हैं लोग मुझे!!!, उलझा हुआ सा!!! कोई दूसरा भी है मुझे मे...🙂🌹😘😍🥰⚘
View Articleअर्ज़ किया है
...ज़िक्र करते हैं तेरा इस कदर अलफाज़-ए-'निर्जन'दुनिया शायरी को मेरी जुनूँ-ए-इश्क़ कहती है आजZikr karte hain tera iss qadr alfaaz-e-'nirjan'Duniya shayari ko meri junu-e-ishq kehti hai aaj#yqdidi...
View Articleशर अर्ज़ है
तुमसे लफ्ज़ों का नहीं 'निर्जन'रूहानी-रूमानी रिश्ता है मेरातुम तो तहलील हो सांसो मेंइबादत की ख़ुशबू की तरहतहलील - घुलना / dissolved#yqdidi#तुषाररस्तोगी#निर्जन#इश्क़#इबादत#तहलील#तमाशा_ए_जिंदगी Follow my...
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